मील का पत्थर साबित होगी इंडियन ग्रांप्री कुश्ती-सतपाल
द्रोणाचार्य अवार्डी महाबली सतपाल ने कहा है कि 25 मई से राजधानी में होने वाली पहली हरिराम इंडियन ग्रांप्री कुश्ती प्रतियोगिता भारतीय पहलवानों के लिए मील का पत्थर साबित होगी और इससे उन्हें ओलिम्पिक की तैयारियों में मदद मिलेगी।
सतपाल ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि इस प्रतियोगिता में 22 देशों के जाने माने पहलवान हिस्सा लेंगे और 1975 में हुए रूस्तम-ए-भारत मुकाबले के बाद देश में यह पहली ऐसी प्रतियोगिता होगी जिसमें कड़ी प्रतिस्पर्द्धा देखने को मिलेगी।
लंदन ओलिम्पिक के लिए क्वालिफाई करने वाले पहलवानों योगेश्वर दत्त और अमित तथा ओलिम्पिक कांस्य पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार के गुरू सतपाल ने कहा कि रूस्तम-ए-भारत प्रतियोगिता के ओपन वर्ग में मास्टर चंदगीराम, करतार सिंह, हरिश्चंद्र बिराजदार और दादू चौगले सहित कुल 88 पहलवानों ने भाग लिया था जिनके बीच उन्हें यह खिताब जीतने का मौका मिला था।
उन्होंने कहा कि इंडियन ग्रांप्री के आयोजन से अब भारतीय पहलवानों को अपनी ही जमीन पर अच्छा अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल हो सकेगा। इस प्रतियोगिता से प्राप्त अनुभव भारतीय पहलवानों के लिए टानिक का काम करेगा जो ओलिम्पिक में उनके काम आएगा।
सतपाल ने कहा कि इस प्रतियोगिता में रूस, अमेरिका, जापान, कोरिया और मंगोलिया के विश्वविख्यात पहलवान भाग ले रहे हैं। यह आयोजन भारतीय कुश्ती को नई दिशा और ऊंचाइयां देगा। ऐसा आयोजन देश में बहुत पहले होना चाहिए था।
उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि पहली बार कुश्ती महासंघ, केंद्र सरकार, राज्य सरकार और कुश्ती को बढ़ावा देने वाले लोग एक टीम की तरह काम कर रहे हैं और इस टीमवर्क का परिणाम जल्द ही सबके सामने आएगा।
सतपाल ने इस टूर्नामेंट की आयोजन समिति के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे आयोजन की पहल कर भारतीय कुश्ती को नई दिशा देने का काम किया है और उन्हें उम्मीद है कि यह टूर्नामेंट भारतीय कुश्ती को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगा। (वार्ता)